Monday, January 7, 2019

अटल जी है खास

*भूतपूर्व पी.एम.श्री अटल जी का 'सदैव' स्मारक दिल्ली में राजघाट पर पीएम और राष्ट्रपति ने किया जनता को समर्पित*  *5 महीने में करीब 10 करोड रुपए की लागत से डेढ़ एकड़ में बनकर तैयार हुआ अटल जी का सदैव स्मारक*   *नई दिल्ली, 25 दिसंबर- बुलंद हस्तियां/तेजबंधु/ उपमन्यु टुडे संवाददाता* भारत रत्न एवं देश के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी का सदैव अटल स्मारक दिल्ली में आज अटल जी के 94वें जन्मदिवस 25 दिसंबर को दिल्ली राजघाट पर पीएम श्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने जनता को समर्पित किया! देश के विभिन्न हिस्सों से लाए गए पत्थरों पर अटल जी की कविताएं प्रसारित की गई! करीब 5 महीने में 10 करोड रुपए की लागत से करीब 6 महीने में बनकर तैयार हुआ अटल जी के सदैव स्मारक को राजघाट पर प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति की गरिमामय उपस्थिति में उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू, पूर्व प्रधानमंत्री डॉoमनमोहन सिंह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन,दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी, सदैव अटल ट्रस्ट के चेयरमैन श्री वीoकेo मल्होत्रा एवं इसके पदाधिकारियों के अलावा उर्दू काउंसिल कमेटी के वॉइस चेयरमैन एवं अंजुमन तरक्की उर्दू हिंद हरियाणा के चेयरमैन जाने-माने इतिहासकार एवं साहित्य लेखक डॉक्टर नरेंद्र उपमन्यु भी अटल जी के इस स्मारक स्थल की भव्यता को उपस्थित हुए! इस दौरान अटल जी पर एक काव्यांजलि गायक पंकज उदास प्रस्तुत की! पंकज उदास जी ने एक बार अटल जी के अनुरोध पर लोकसभा के अंदर भी प्रस्तुति दी थी! वर्ष 2006 में पंकज उदास साहब को पदम श्री से नवाजा गया था! यह अटल सदैव स्मारक स्थल राजघाट के निकट उसी जगह पर बनाया गया है, जहां पर अटल जी का अंतिम संस्कार किया गया था! अन्य प्रांतों से आए 9 पत्थरों पर सरकार ने अटल जी की कविताएं जनता जनार्दन को देखने के लिए प्रसारित की है! खास बात यह है कि अटल जी के प्रकृति प्रेम को देखते हुए एक भी वृक्ष को नहीं काटा गया है! इसे इस हिसाब से आकृति दी गई है कि एक भी पेड़ ना कटे! पर्यावरण प्रेमी भारत रत्न एवं देश के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई को तेजबंधु टीम के समस्त पदाधिकारियों ने उन्हें सही मायने में राष्ट्रनायक करार देते हुए कहा कि वह भारत माता के सच्चे सपूत थे, उन्होंने उनकी 94 वी जयंती पर शत-शत नमन करते उनके पद चिन्हों पर चलने का आह्वान किया!  *प्रस्तुति: शीला भारद्वाज / एस. एस. मुद्गल/ संदीप शर्मा/सार्थक सारथी*

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